पत्रिका को बनाना चाहते हैं पियोन रहित

जयपुर। राजस्थान पत्रिका प्रबंधन ने कॉस्ट कटिंग के नाम पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हटाना शुरू कर दिया है। ऐसा करके पत्रिका को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रहित बनाया जा रहा है। यानी सभी अपना काम स्वयं करें। किसी को भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सेवाएं नहीं दी जाएंगी। सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे पत्रिका मालिक नीहार कोठारी का दिमाग है। सूत्रों का कहना है कि पत्रिका मालिक नीहार कोठारी ने खुद भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपने नहीं लगा रखा है। वह स्वयं अपना काम करता है। चाय पीने का भी शौक नहीं है। इसलिए उन्होंने ही यह कहा है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की जरूरत नहीं है। सभी अपना काम स्वयं करें।

अधिकारी खुद उठा रहे बैग

सूत्रों के मुताबिक करीब एक महीने से इस आदेश की झलक दिखने भी लग गई थी। पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही अधिकारी के लैपटॉप और बैग को लेकर उसके साथ केबिन तक जाते थे। इसके लिए बकायदा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अधिकारी की अगवानी में रहता था और अधिकारी के आते ही उनका लैपटॉप और बैग उठा लेता था। लेकिन, अब अधिकारी स्वयं ही अपने लैपटॉप और बैग उठा रहे हैं। वे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को कुछ नहीं कह रहे हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी यदि उनसे कहता है कि मैं लैपटॉप और बैग ले जाता हूं तो वे धन्यवाद कहकर ऐसा करने से मना कर देते हैं। वे अधिकारी अब स्वयं ही बैग उठा रहे हैं। यानी साफ है कि पत्रिका मालिक नीहार कोठारी ने सभी तक मैसेज पहुंचा दिया है कि शरीर पर जमी हुई मक्कारी की धूल को साफ कर लो। सूत्रों का कहना है कि इसलिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हटाने की यह कवायद की जा रही है।

स्टोर और डिस्पेच विभाग किए बंद

पत्रिका प्रबंधन ने नोटबंदी के बाद कॉस्ट कटिंग के नाम पर अपने डिस्पेच और स्टोर विभाग को बंद कर दिया है। इनके कर्मचारियों को दूसरे विभागों में सैट किया जा रहा है। प्रबंधन के मुताबिक इन दोनों विभागों की जरूरत नहीं है।

मंथली अवॉर्ड भी किए बंद

पत्रिका प्रबंधन अपने कर्मचारियों का उत्साहवर्द्वन करने के लिए पहले हर माह पुरस्कार बांटती थी। इसके लिए बकायदा सभी ब्रांचों से अच्छी-अच्छी खबरें मंगवाई जाती थीं। उसके बाद चयनित खबरों पर करीब 500-1000 रूपए हर माह पुरस्कार बांटा जाता था। लेकिन, कॉस्ट कटिंग की गाज इन अवॉर्ड पर भी गिर गई है। सूत्रों का कहना है कि नीहार कोठारी के आदेश के बाद इन अवॉर्ड्स को भी बंद कर दिया गया है