पत्रिका प्रबंधन ने सम्पादक, मैनेजर और उपमहाप्रबंधक स्तर के लोगों को होटल में खाने से मना किया

जयपुर। अभी हाल ही में पत्रिका ने जयपुर की एक शानदार होटल में की-नोट कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें सरकार के खिलाफ बोलने वाले लोगों को तो बुलाया ही गया। इससे भी बड़ी बात यह है कि जिस होटल में यह कार्यक्रम किया गया, वह कुछ महंगा था। वहां की एक प्लेट कई हजारों में थी। ऐसे में पत्रिका प्रबंधन ने कई सम्पादक स्तर के लोगों, कई मैनेजर और उपमहाप्रबंधक स्तर के लोगों को होटल में खाना खाने से साफ तौर पर मना कर दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि इन लोगों से कहा गया था कि होटल में कोई भी प्लेट नहीं उठाएगा, कार्यक्रम खत्म होने के बाद अपने घर पर खाना। सम्पादक स्तर, मैनेजर और उपमहाप्रबंधक स्तर के कर्मचारियों को जब पत्रिका ने ऐसा कह दिया, तो उन छोटे कर्मचारियों की क्या बिसात, जो मेहमानों के स्वागत में होटल में सुबह से तैनात थे। सूत्रों का कहना है कि छोटे कर्मचारी तो पहले से ही घर से खाना खाकर आए थे, वहीं कुछ बीच में इधर-उधर ढाबे पर खाना खाने चले गए। लेकिन, सम्पादक स्तर, मैनेजर और उपमहाप्रबंधक स्तर के लोग तो अपनी थोथी पर्सनेलिटी दिखाने के लिए ढाबों पर भी नहीं गए थे। वे घर पर यह कहकर आए थे कि हम कार्यक्रम में ही खाना खाएंगे, लेकिन, वहां भी खाना नसीब नहीं हुआ। ऐसे में शर्म के मारे उन्होंने घर पहुंचकर भी नहीं बताया और भूखे ही रहे। वे लोग मन ही मन पत्रिका प्रबंधन को कोस रहे थे, लेकिन मुंह खोलने से डर रहे थे। इतना होने के बाद भी कर्मचारियों को समझ में नहीं आ रहा है, वे अभी भी पत्रिका प्रबंधन के तलवे चाट रहे हैं। अरे कुछ तो शर्म करो, कम से कम अपने सम्मान की तो रक्षा करो।