खूब पापड़ बेले फिर भी नहीं बने पत्रिका टीवी हैड, अब अधीनस्थों पर निकल रहा गुस्सा

जयपुर। राजस्थान पत्रिका में एक भाईसाहब ऐसे हैं, जिन्होंने पत्रिका टीवी की कमान अपने हाथ में लेने के लिए क्या कुछ मेहनत नहीं की। अधिकारियों की मिजाजपुर्सी, कई कर्मचारियों की शिकायतें करके उन्हें रास्ते से हटाकर अपना रास्ता साफ किया। लेकिन, काफी कोशिशों के बाद भी आखिर इन भाईसाहब की स्थिति खिसयानी बिल्ली खम्बा नोचे वाली हो गई है। इसलिए अब इन भाईसाहब की खीझ अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर निकल रही है। वे बेवजह उनको डांट पिला रहे हैं तो उनके काम में मीनमेख निकालकर परेशान कर रहे हैं। उनकी इस आदत से अधीनस्थ कर्मचारी दुखी हैं। उनका कहना है कि एक तो पहले से ही कार्य का बोझ इतना ज्यादा है, फिर इस तरह मानसिक प्रताड़ना और झेलने को मिल रही है। इन साथियों ने मीडिया होल्स से गुहार की है कि वे उनका दर्द प्रकाशित कर उन्हें राहत दिलाने में मदद करें।

...तो रह गए मनमसोस कर

सूत्रों का कहना है कि पत्रिका में इकलौते ये ही भाईसाहब हैं, जिन्हें थोड़ी बहुत टीवी की समझ हैं। इसलिए पत्रिका प्रबंधन ने इनको शुरूआत में टीवी लॉन्च करने का जिम्मा दिया। तब इनको लगा कि इनके पौ-बारह हो गए हैं। इन्हें जल्द ही बड़ा पद मिलने वाला है, लेकिन तभी पत्रिका प्रबंधन ने वरिष्ठ सम्पादक, कार्य में दक्ष और अनुभवी आशुतोष शर्मा को टीवी का हैड बना दिया। तब ये भाईसाहब मनमसोस कर रह गए।

अपना रास्ता साफ करने में लगे रहे

लेकिन, कुछ दिनों के बाद आशुतोष शर्मा को राज्य सरकार ने सूचना आयुक्त बना दिया और उन्होंने पत्रिका से इस्तीफा दे दिया। इस बार ये भाईसाहब पुनः खुश हो गए, लेकिन यह खुशी भी ज्यादा दिन नहीं चली और पत्रिका ने एन.के.सिंह नामक टीवी चैनल के अनुभवी व्यक्ति को इसकी जिम्मेदारी दी। लेकिन, प्रबंधन ने उनको भी हटा दिया। इसके बाद टीवी चैनल के ही कई साथी क्रम से संयोग जैन, विशाल शर्मा और ब्रजमोहन भी आए। सूत्रों का कहना है कि इनमें से ज्यादातर लोगों को इन भाईसाहब ने शिकायत करके हटवा दिया और अपने इंचार्ज बनने का रास्ता साफ कर लिया।

अधीनस्थों पर निकाल रहे खीझ

लेकिन, शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इन भाईसाहब की खुशी उस समय पूरी काफूर हो गई, जब पत्रिका प्रबंधन ने टीवी चैनल की कमान दूसरे व्यक्ति के हाथ में दे दी। चूंकि, पहले जो लोग टीवी के हैड बनाए गए थे, वे शुरूआत से पत्रिका के कर्मचारी नहीं थे। इसलिए उन्हें हटाना इन भाईसाहब के लिए आसान था। लेकिन, जिन्हें अब टीवी की कमान दी गई है, वे शुरूआत से पत्रिका कर्मचारी हैं, मालिकों तक उनकी सीधी पहुंच हैं और उनका ओहदा भी इन भाईसाहब से कई गुना ज्यादा है। ऐसे में अब इन भाईसाहब को लग गया है कि टीवी चैनल हैड बनने की उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। इसलिए ये भाईसाहब चुप होकर बैठ गए हैं। फिलहाल इन भाईसाहब को सिर्फ जयपुर सिटी के इनपुट हैड की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में ये अपनी खीझ अधीनस्थ कर्मचारियों पर निकाल रहे हैं।