पत्रिका चपरासियों को बनाएगा सुरक्षा गार्ड

जयपुर। पीएम नरेन्द्र मोदी देश को साफ-सुथरा रखने के लिए सफाई अभियान चलाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर राजस्थान पत्रिका प्रबंधन अपना उल्लू सीधा करने के लिए कर्मचारी सफाई अभियान छेड़े हुए हैं। इसी कर्मचारी सफाई अभियान के तहत राजस्थान पत्रिका ने फोर्ट फोलियो में तैनात कई सारे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हटा दिए। अब खबर है कि पत्रिका प्रबंधन अपने यहां से सिक्योरिटी गार्डों को हटाने जा रहा है। वह इस मामले में एक सिक्योरिटी एजेंसी की सेवा लेता है, जिसे वह जल्द ही समाप्त करने जा रहा है। उनके बदले वह अपने परमानेंट यानी राजस्थान पत्रिका में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लगाएगा।

ताकि मोटी रकम बच जाए

सूत्रों का कहना है कि पत्रिका प्रबंधन की सोच है कि वह एक सिक्योरिटी गार्ड के बदले में एजेंसी को करीब 18000 रूपए देता है। वहीं इससे ज्यादा सैलेरी वह अपने परमानेंट चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को देता है। इन कर्मचारियों को ड्राइवर बना रखा है, बंगले पर तैनात कर रखा है, अधिकारियों के घरों में लगा रहा है और कुछ को ऑफिस में लगा रखा है। पत्रिका प्रबंधन ऐसा सोचता है कि इन लोगों को जितनी सैलेरी मिलती है, उतना ये कार्य नहीं करते हैं। इनकी जगह तो 5000-6000 रूपए में किसी और को रख लेंगे, वहीं सिक्योरिटी गार्ड की जगह इन्हें लगा देंगे। ताकि सिक्योरिटी एजेंसी को जाने वाली मोटी रकम बच जाए।

और कट जाएगा मजीठिया से पत्ता

इसी योजना के तहत पत्रिका ने कार्य करना शुरू कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने एक परमानेंट चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को प्रताप नगर स्थित ऑफिस में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में भेज भी दिया है। पहले यह कर्मचारी केसरगढ़ में सफाई के कार्यों की मॉनीटरिंग किया करता था। इसे व्यक्ति को प्रबंधन का खास माना जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि जब प्रबंधन अपने खास आदमी के साथ ऐसा कर सकता है तो फिर दूसरों को क्यों नहीं। सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे पत्रिका प्रबंधन का छुपा एजेण्डा यह भी है कि वह इन साथियों को सिक्योरिटी गार्ड बनाकर इनका मजीठिया के हक से पत्ता काट देना चाहता है। सिक्योरिटी गार्ड बनने के बाद ये लोग मजीठिया की मांग नहीं कर सकते हैं।