सुप्रीम कोर्ट की तल्खी के बाद दैनिक जागरण दे रहा मजीठिया !

लखनऊ। दैनिक जागरण के पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिए सितंबर का महीना अकल्पनीय हो सकता है। इस संस्थान के लगभग साढ़े तीन सौ कर्मचारी मालिकान के खिलाफ होकर पिछले पांच साल से मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन की मांग कर रहे थे। इसके लिए बकायदा मजीठिया मंच का गठन कर सुप्रीम कोर्ट गए। इस दौरान दैनिक जागरण, नोएडा में हड़ताल भी की गई। लेकिन संपादकीय विभाग ने पूरी तरह से साथ नहीं दिया। हड़ताल करने वाले सभी कर्मचारियों को दैनिक जागरण के मालिकान ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। नोएडा में हुए हड़ताल का असर कानपुर, इलाहबाद, वाराणसी में भी देखने को मिला और इन सेंटरों से भी चार-पांच लोग सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए।
23 अगस्त, 2016 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद श्रम विभाग में हड़कंप मच गया है। सबसे पहले गौतमबुद्धनगर के श्रम विभाग से नोटिस दैनिक जागरण, नोएडा पहुंचा। इसके बाद अमर उजाला, कानपुर और हिन्दुस्तान, बरेली में श्रम विभाग ने छापा मारकर कई सारे महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिया। इसी बीच खबर है कि दैनिक जागरण में जिनका जिनका वेतन 21 हजार से नीचे है, उन्हें बोनस देने की तैयारी थी। बकायदा लिस्ट के अनुसार चेक भी बनकर कोरियर करने भर की देरी था। मगर ऐन वक्त पर चेक रोक लिया गया। अब दैनिक जागरण में किसी भी कर्मचारी बोनस नहीं दी जाएगी। मालिकान के इस फैसले से दैनिक जागरण के कर्मचारी मायूस होने की बजाय खुश हैं। इन्हें लग रहा है कि बोनस का रुकना कहीं न कहीं मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने के रास्ते पर दैनिक जागरण चल चुका है।
मालूम हो कि केंद्र सरकार ने बोनस देने के नियम में बदलाव किया है। जिनकी सैलरी 21 हजार से नीचे है उन्हें 16800 रुपये बोनस दी जाएगी। यह नियम 2014 से लागू किया गया है।

जागो पत्रकार जागो नामक fb पेज से साभार