माननीय गुलाब कोठारी जी के घुटनों ने दिया जवाब

जयपुर। राजस्थान पत्रिका के मालिक माननीय गुलाब कोठारी जी कई महीनों से अपने घुटनों की बीमारी से जूझ रहे हैं। घुटनों में दर्द के चलते वे कई महीनों से ठीक से चल नहीं पा रहे थे। दर्द का आलम यह था कि उन्हें ना तो दिन में चैन पड़ता ना रात में आराम। सूत्रों के मुताबिक सुबह होते ही सबसे पहले उनके पैरों की मालिश करने वाला आता था। वह करीब एक घंटे तक मालिश करता। इसके बाद फिजियोथैरेपिस्ट आता, वह माननीय कोठारी जी को घुटनों से सम्बंधित एक्सरसाइज कराता। इसके बाद एक-दो डॉक्टर रूटीन चैकअप के लिए आते थे। कुल मिलाकर सुबह होते ही कोठारी जी की चिकित्सा शुरू हो जाती थी।
हालांकि, यह प्रक्रिया कई सालों से चल रही है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से घुटनों का दर्द बढऩे से चिकित्सा प्रक्रिया में तेजी आई थी। इसके बाद भी घुटनों के दर्द में आराम नहीं पड़ा, तो उन्होंने इस सम्बंध में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों से भी सलाह-मशविरा लिया। उन्होंने घुटनों को बदलवाने के लिए उनसे राय मांगी। लेकिन, सभी विशेषज्ञों ने घुटने बदलवाने से मना कर दिया। इसके बाद कोठारी जी का एक तरह से घूमना-फिरना बंद हो गया था। इस दौरान उन्हें तेज बुखार भी हो गया था। फलस्वरूप वे शारीरिक रूप से कमजोर भी हो गए थे। इसलिए वे वॉकर के सहारे घर में ही थोड़ा बहुत घूमते थे।
कई महीने इस तरह से जिन्दगी बसर करने के बाद और बुखार ठीक होने पर वे बीच में ऑफिस भी जाने लगे। सूत्रों ने बताया कि गाड़ी से उतरकर ऑफिस में अपने रूम तक पहुंचने में भी उन्हें काफी कठिनाई होती थी। इस दौरान एक व्यक्ति कुर्सी लेकर हरदम उनके साथ रहता था, जैसे ही माननीय कोठारी जी को थकावट होती, वह वहीं कुर्सी लगा देता और कोठारी जी थोड़ा आराम कर लेते। इस तरह वे ऑफिस में अपने रूम तक पहुंचते थे।
अब सूत्रों का कहना है कि फिर से घुटनों में तेज दर्द शुरू हो गया है और उनसे चलना दूभर हो गया है। ऐसे में डॉक्टरों ने उनको आराम करने की सलाह दी है और ज्यादा घूमने-फिरने से बिलकुल मना कर दिया है। ऐसे में अब माननीय कोठारी जी ने बाहर जाना लगभग बंद कर दिया है। घर पर ही रहकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। जरूरत होती है तो घर पर ही वॉकर के सहारे चलते हैं। सूत्रों का कहना है कि माननीय कोठारी जी के घुटनों ने बिलकुल जवाब दे दिया है।

राजस्थान पत्रिका के एक कर्मचारी ने जैसा मीडिया होल्स को बताया