स्काई मीडिया में डालने के लिए पत्रिका कर्मचारियों की केसरगढ़ में फाइलें हो रहीं तैयार

जयपुर। राजस्थान पत्रिका प्रबंधन मजीठिया केस में नहीं गए कर्मचारियों को उनका हक नहीं देने के नए-नए हथकंडे अपनाता है। सूत्रों ने अब खबर दी है कि राजस्थान पत्रिका प्रबंधन ने केस में नहीं गए कर्मचारियों को डिजीटल कम्पनी स्काई मीडिया में करीब छह महीने पहले ही डाल चुके थे, लेकिन, कहीं कोई गलती रह गई थी और उसे कानूनी मान्यता नहीं मिल पाई थी। अब चूंकि, सुप्रीम कोर्ट के रुख को देखकर इनमें भी भय व्याप्त हो गया है, इसलिए ये अब दोबारा से सभी कर्मचारियों की नए सिरे से फाइलें तैयार करवा रहे हैं। फिर उनको स्काई मीडिया का कर्मचारी बनाने की कवायद राजस्थान पत्रिका के केसरगढ़ स्थित मुख्यालय में जोर-शोर से चल रही है।
सूत्रों का कहना है कि यह कार्य प्रशासनिक विभाग के पी.के शर्मा और जे.पी. शर्मा की ओर से अंजाम दिया जा रहा है। ये दोनों राजस्थान पत्रिका प्रबंधन के 'खास' बताए जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस कार्य के लिए इन दोनों को एक अलग कमरा भी दे दिया गया है, ताकि इन्हें कोई डिस्टर्ब भी ना कर पाए।

वादों पर नहीं सच्चाई पर विश्वास करो

एक-एक कर्मचारी का रिकॉर्ड निकलवाकर उन्हें शुरू से ही बदला जा रहा है। राजस्थान पत्रिका प्रबंधन को पता है कि जो कर्मचारी केस में नहीं गया है, वह उनकी इस कार्रवाई का भी विरोध नहीं करेंगे और यह सारा कार्य होने के बाद वे केस में गए कर्मचारियों को उनका पैसा देकर अपना पीछा छुड़ा लेंगे। अब देखने वाली बात यह है कि केस में नहीं गए साथी अभी भी प्रबंधन के खोखले वादों पर विश्वास करता है या फिर सच्चाई को समझकर अपना हक पाने के लिए केस करता है।