सुप्रीम कोर्ट का डर, दिल्ली में मीडिया मालिकों की गुप्त मंत्रणा, राजस्थान पत्रिका के मालिक नीहार कोठारी भी अलसुबह दिल्ली रवाना

जयपुर। मजीठिया मामले में जैसे-जैसे सुप्रीम कोर्ट में तारीख नजदीक आ रही है, वैसे ही मीडिया मालिकों में बैचेनी भी बढ़ती जा रही है। मजीठिया मामले में 19 जुलाई से होने वाली फाइनल सुनवाई से पहले मीडिया मालिक दिल्ली में एकत्रित होकर अपनी आगे की रणनीति बनाने में लग गए हैं। सूत्रों के अनुसार मीडिया मालिकों के वकीलों ने साफ तौर पर उन्हें कह दिया है कि हम जितना इस केस को खिंचवा सकते थे, उतना कर चुके। अब सुप्रीम कोर्ट आपकी खिंचाई करने वाला है। इसलिए मीडिया मालिक दिल्ली के बाहरी इलाके के किसी होटल में अपनी गुप्त मंत्रणा कर रहे हैं। इसी मीटिंग में भाग लेने के लिए राजस्थान पत्रिका के मालिक नीहार कोठारी और सिद्धार्थ कोठारी कोठारी गुरूवार सुबह करीब 7 बजे विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में मीडिया मालिक अपने वकीलों से इस पूरे केस की जानकारी ले रहे हैं। वे वकीलों से पूछ रहे हैं कि अब सुप्रीम कोर्ट का क्या रूख रहेगा, अवमानना से बचने और सभी कर्मचारियों को हक नहीं देने के क्या-क्या उपाय अब बचे हैं। क्या केस गए कर्मचारियों को उनका हक देने से बाकी कर्मचारी बगावत नहीं करेंगे। यदि वे ऐसा करते हैं तो क्या वे सुप्रीम कोर्ट में केस लगा सकते हैं। ऐसे कई सवालातों पर ही मीडिया मालिक अपने वकीलों से सलाह कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक मीडिया मालिकों में सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का भय बैठा हुआ है। पहले उत्तराखंड और अब अरूणाचल प्रदेश के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के रूख को देखकर मीडिया मालिकों को केन्द्र सरकार से भी उम्मीद नहीं है। मीडिया मालिकों को भय है कि कहीं ऐसी ही सख्ती सुप्रीम कोर्ट हमारे साथ ना कर दें। कुल मिलाकर यह देखना दिलचस्प होगा कि 19 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट किस तरह से मीडिया मालिकों को उनकी असली औकात दिखाएगा।