राजस्थान पत्रिका में सम्पादकीय कार्य की कमान भी अब सिद्धार्थ कोठारी के हाथ में, फिलहाल आराम फरमा रहे नीहार

जयपुर। किसी ने सच कहा है कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। कुछ ऐसा ही इतिहास फिर से पत्रिका में रचने के करीब है। माननीय गुलाब कोठारी ने अपने भाई मिलाप कोठारी को साइडलाइन कर पत्रिका की कमान अपने हाथ में ले ली थी। वे ही हर तरह से उसके सर्वेसर्वा बन गए थे। अब गुलाब कोठारी के दो बेटों नीहार कोठारी और सिद्धार्थ कोठारी में भी सत्ता को लेकर संघर्ष चल रहा है। पहले नीहार कोठारी पत्रिका के सम्पादकीय और सर्कुलेशन कार्य को देखते थे और मार्केटिंग सहित अन्य कार्य सिद्धार्थ कोठारी। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन, कुछ दिनों से सब कुछ गड़बड़ाया हुआ है। मजीठिया मामले में कर्मचारियों का चले जाना, अखबार की कम होती लोकप्रियता सहित कई अन्य कारणों की वजह से नीहार और सिद्धार्थ में पटरी नहीं बैठ पा रही थी। इससे पहले भी एक बार नीहार कोठारी को साइडलाइन कर माननीय गुलाब कोठारी जी अखबार का कार्य देखने लगे थे, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से नीहार कोठारी सक्रिय हो गए थे। अब फिर से सम्पादकीय और सर्कुलेशन के कार्य से नीहार कोठारी को आराम दिया गया है, उनकी जगह सिद्धार्थ कोठारी आजकल इन दोनों विभागों के कार्य को भी देख रहे हैं। पत्रिका ने जो नया कलेवर बदला है, वह भी सिद्धार्थ कोठारी के देखरेख में ही हुआ है। सम्पादकीय और सर्कुलेशन विभागों की बैठक भी सिद्धार्थ कोठारी ही ले रहे हैं। पत्रिका के नए कलेवर और उसके बाद जो भी निर्णय हुए हैं, उनमें सिद्धार्थ कोठारी की ही चल रही है। सूत्रों का कहना है कि ऐसे ही हालात रहे तो वह दिन दूर नहीं जब पत्रिका का बंटवारा होगा।