पत्रिका प्रबंधन ने वकीलों और मैनेजर पर निकाला गुस्सा, इंदौर में वकील बदले

भोपाल। पत्रिका के मध्यप्रदेश सेंटर में श्रम आयुक्त की ओर से करीब 22 लाख रूपए की रिकवरी का प्रमाण-पत्र जारी कर देने के मामले में कई लोगों पर गाज गिरी है। पत्रिका मालिकानों को ऐसा हो जाने का जरा सा भी अंदेशा नहीं था। सूत्रों का कहना है कि इस आदेश के बाद पत्रिका मालिकानों का गुस्सा वकीलों पर निकला। उन्होंने वकीलों को खूब खरी-खोटी सुनाई और इससे सबक लेते हुए इंदौर में वकीलों को बदल दिया गया है। यानी नए वकील तैनात कर दिए गए हैं। वहीं पत्रिका ने अपने ब्रांच मैनेजर को भी जमकर लताड़ पिलाई है। सूत्रों का कहना है कि एक-दो दिन में मैनेजर साहब की छुट्टी होना तय है।

इसलिए हुए मालिकान गुस्सा

सूत्रों ने बताया कि श्रम आयुक्त के पास इस तरह की कोई कार्यवाही चल रही थी। इस बारे में ना तो मैनेजर और ना ही वकीलों ने पत्रिका मालिकानों को अवगत कराया। साथी ने जो क्लेम बनाकर दिया, उस पर कोई आपत्ति नहीं की। समय पर इस बारे में भी नहीं बताया और पत्रिका प्रबंधन के खिलाफ आदेश हो गया। अब पत्रिका प्रबंधन की मजबूरी यह है कि उसे इतना पैसा मजीठिया साथी को देना ही पड़ेगा। अब वे उसके अमाउंट पर कोई आपत्ति नहीं कर सकते हैं। साथ ही कानूनन जो ब्याज बनेगा, वह भी देना ही पड़ेगा। इसलिए साथियों अब आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना है, जल्द ही आपको भी आपका हक मिल जाएगा। बस इसी तरह एकजुट होकर मीडिया मालिकों से दो-दो हाथ करते रहो।