पत्रिका प्रबंधन सर्दी में पिला रहा ठण्डाई, लक्ष्मी पूजन में बांटा गिफ्ट

जयपुर। आया मौसम ठंडी-ठंडी...ठण्डाई का। क्यों चौंक गए ना, इसे कहते हैं बे-मौसम बारिश। राजस्थान पत्रिका प्रबंधन यूं तो अपने आप को कर्मचारियों का हितैषी बताता है, वहीं कार्य ऐसे करता है, जिसे देखकर हर कोई इन पर थू-थू करता है। राजस्थान पत्रिका प्रबंधन चार-साल पहले तक दीपावली के अवसर पर सभी कर्मचारियों को मिठाई का डिब्बा और गिफ्ट देता था, पहले उसे बंद किया गया। फिर पत्रिका मुख्यालय केसरगढ़ में लक्ष्मीपूजन में जाने वाले सभी कर्मचारियों को मिठाई देना बंद किया और गिफ्ट के नाम भी ऐसी वस्तुएं दी जाने लगीं, जिसका कोई उपयोग ही ना हो। सूत्रों का कहना है कि पिछली दीपावली पर केसरगढ़ लक्ष्मी पूजन में फ्रिज में पानी भरकर रखने के काम आने वाली प्लास्टिक की बोतलें बांटी गई थीं। अब इनसे पूछिए कि कोई भी व्यक्ति सर्दियों में फ्रिज में पानी भरकर बोतलें रखेगा क्या?
सूत्रों का कहना है कि इस बार भी पत्रिका प्रबंधन ने केसरगढ़ में लक्ष्मी पूजन के बाद ठण्डाई की बोतलें बांटी हैं। अब ये ही बताएं...सर्दियों में कौन ठण्डाई पिएगा। ये ठण्डाई की बोतल होली पर नहीं दी जा सकती थी, क्या? जब कर्मचारियों को कुछ देने की नीयत ना हो तो देना ही बंद कर दो। कर्मचारी आपसे मांगने तो आ नहीं रहा है और जब देने की नीयत साफ है तो कम से कम ऐसी वस्तु दीजिए, जिसका अभी उपयोग हो सके। ये तो वही बात हो गई, पेट में दर्द था और कान दर्द की दवाई दे दी।

केसरगढ़ लक्ष्मी पूजन में पहुंचे गिने-चुने लोग

सूत्रों का कहना है कि इस बार लक्ष्मी पूजन में गिने-चुने ही लोग केसरगढ़ गए थे। इनमें भी अधिकारी स्तर के लोग ही ज्यादा थे, जो केवल अपनी हाजिरी लगाने के हिसाब से आए थे। सूत्रों का कहना है कि मजीठिया मामले में पत्रिका मालिक और कर्मचारियों में ठनी हुई है। ऐसे में कर्मचारियों का भावनात्मक लगाव बिलकुल भी पत्रिका प्रबंधन की तरफ नहीं है। इसी के चलते इस बार कर्मचारियों ने केसरगढ़ में लक्ष्मी पूजन में हिस्सा नहीं लिया और परिवार के साथ घर में दीपावली मनाई। सूत्रों का कहना है कि पहले लोग अपने घर बाद में दीपावली मनाते थे, पहले केसरगढ़ में लक्ष्मी पूजन में हिस्सा लेेने आते थे। लेकिन, पत्रिका मालिकों की कर्मचारियों के प्रति बेरुखी के चलते इस बार केसरगढ़ में कर्मचारियों ने जाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।