बिलासपुर में पत्रिका प्रबंधन और श्रम आयुक्त कार्यालय का गठजोड़

छत्तीसगढ़। मजीठिया मामले में सुप्रीम कोर्ट चले जाने के बाद राजस्थान पत्रिका प्रबंधन की ओर से राजस्थान और मध्यप्रदेश में तो साथियों को प्रताडि़त किया जा ही रहा है। अब छत्तीसगढ़ में भी ऐसी ही कारस्तानी की जा रही है। मजीठिया मांगने वालों को नौकरी से निकाले जाने का भय दिखाया जा रहा है। इतना ही नहीं पत्रिका की इस कारस्तानी में उसका पूरा साथ श्रम आयुक्त कार्यालय की तरफ से भी निभाया जा रहा है। पत्रिका प्रबंधन और श्रम आयुक्त कार्यालय की जुगलबंद बिलासपुर में बखूबी देखने को मिल रही है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला, एरियर और वेतन की गणना श्रम आयुक्त की जिम्मेदारी

पत्रिका के बिलासपुर संस्करण में कार्यरत एक साथी ने मीडिया होल्स को बताया है कि उसने अपने कुछ साथियों के साथ श्रम कार्यालय गया। वहां वे असिस्टेंट ऑफिसर अनिता गुप्ता से मिले और मजीठिया नहीं मिलने की शिकायत सहित स्टेटमेंट ऑफ क्लेम दिया। स्टेटमेंट ऑफ क्लेम लेने के बजाय वे सभी साथियों के स्टेटमेंट में गड़बड़ी बताने लग गई। यहां गौर करने वाली बात यह है कि एक तरफ तो श्रम कार्यालय यह कहता रहा है कि उन्हें क्या पता कि किस कर्मचारी का कितना एरियर और वेतन बन रहा है। वहीं जब कर्मचारी स्वयं स्टेटमेंट लेकर जा रहे हैं तो उनमें गड़बड़ी निकाली जा रही है। एक पुराने मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बैंच यह कह चुकी है कि वेज बोर्ड के एरियर और वेतन की गणना श्रम आयुक्त कार्यालय या फिर श्रम कोर्ट ही तय करेंगे। ऐसे में असिस्टेंट ऑफिसर को चाहिए कि वह कर्मचारियों के एरियर और वेतन की गणना करवाए। यह जिम्मेदारी कर्मचारी की नहीं है। यदि कर्मचारी उनके कार्य को आसान कर रहा है तो उसमें मीन-मेख निकाली जा रही है।

श्रम अधिकारी ने पत्रिका प्रबंधन को बता दिया साथी के बारे में

खैर इन साथियों ने भी हिम्मत नहीं हारी और स्टेटमेंट ऑफ क्लेम वापस ले लिया। फिर ऑफिसर ने इनको कहा कि 28.9.16 को कलक्टर साहब इस बारे में मीटिंग लेंगे। उस दिन मीटिंग में पत्रिका जीएम, लेबर ऑफिसर दीपक पाण्डे भी थे। लेबर ऑफिसर ने जीएम को सीधे तौर पर इस कर्मचारी का नाम बता दिया और मजीठिया नहीं मिलने की शिकायत सहित स्टेटमेंट ऑफ क्लेम के बारे में बता दिया। इस तरह से बिना क्लेम किए हुए ही इस साथी का नाम प्रबंधन को मालूम हो गया। इसके बाद भी इन साथियों ने हिम्मत नहीं हारी और 1.10.16 को स्टेटमेंट ऑफ क्लेम जमा करा दिया है। इनकी शिकायत पर पत्रिका प्रबंधन ने श्रम आयुक्त कार्यालय को क्या जवाब दिया। यह जवाब आने पर आप सभी के साथ शेयर किया जाएगा।

पत्रिका बिलासपुर में कार्यरत एक पीडि़त कर्मचारी की ओर से भेजे गए पत्र के आधार पर