पीएफ विभाग से मिला पत्रिका को नोटिस, घपलों की हो रही जांच

ग्वालियर। राजस्थान पत्रिका प्रबंधन ने कर्मचारियों के साथ क्या-क्या घपले कर रखे थे, इसका असली पता तो मजीठिया केस होने के बाद ही पता चला है। सूत्रों का कहना है कि पत्रिका प्रबंधन सहित सभी समाचार-पत्र प्रबंधक सीटीसी सैलेरी की आड़ में दोनों तरफ का पीएफ कर्मचारी की जेब से ही काटते हैं। अभी तक कर्मचारी भी इसे नियमानुसार मानकर चुप रहता था। लेकिन, मजीठिया केस होने के बाद पत्रिका कर्मचारियों के सामने प्रबंधन की इस कारस्तानी की भी पोल खुल गई है। पीएफ कानून की मानें तो कोई भी नियोक्ता दोनों पीएफ कर्मचारी की सैलेरी से नहीं काटता है। ऐसा करना कानूनन गलत है। इसकी शिकायत करने पर पीएफ विभाग कम्पनी के खिलाफ कार्रवाई करता है।

इस बेखौफ साथी ने किया खुलासा

इसका खुलासा तब हुआ, जब पत्रिका के ग्वालियर संस्करण में तैनात बेखौफ साथी जितेन्द्र जाट ने इस सम्बंध में पत्रिका प्रबंधन की शिकायत की। हालांकि, इस साथी को पत्रिका ने टर्मिनेट कर रखा है। जितेन्द्र ने पी.जी. पोर्टल यानी पब्लिक ग्रीवेन्स पोर्टल पर जाकर पीएफ सम्बंधी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई। यह पोर्टल पीएमओ से सीधा जुड़ा हुआ है। पीएमओ के निर्देश पर पीएफ ऑफिस ने तुरन्त कार्रवाई की और जितेन्द्र से फोन पर सीधे बात की।

सैलेरी से ही काट रहा पीएफ के दोनों हिस्से

इस पर जितेन्द्र ने पीएफ ऑफिस को बताया कि पत्रिका प्रबंधन समय पर पीएफ जमा नहीं कराता है और पीएफ के दोनों हिस्से कर्मचारी की सैलेरी से ही काटता है। जबकि नियमानुसार पीएफ का एक हिस्सा कर्मचारी की सैलेरी से और दूसरा हिस्सा कम्पनी अपनी तरफ से देती है। लेकिन, पत्रिका प्रबंधन सीटीसी की आड़ में इस तरह की कारस्तानी को खुलकर अंजाम दे रही है। इस पर पीएफ ऑफिस ने जितेन्द्र को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने जितेन्द्र से कहा कि अगर इस तरह के और भी कर्मचारी हों तो उनसे भी कहो कि वे भी शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही जितेन्द्र की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जयपुर पीएफ विभाग ने पत्रिका को नोटिस देकर जवाब भी मांगा है। जरूरत पड़ने पर पीएफ विभाग पत्रिका के रिकॉर्ड भी सीज कर सकता है।

साथियों, आप भी दर्ज कराएं शिकायत

इसलिए साथियों अब डरने की नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है। यदि पत्रिका, भास्कर, जागरण, अमर उजाला, हिन्दुस्तान या कोई भी अन्य समाचार-पत्र आपका पीएफ जमा नहीं करा रहा है या फिर दोनों हिस्से आपकी सैलेरी से ही काट रहा है, तो पीजी पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज कराएं। इतना ही नहीं पीएफ सम्बंधी किसी भी प्रकार की शिकायत पीजी पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं।

ऐसे करें ऑनलाइन शिकायत

गूगल पर पी.जी.पोर्टल लिखें। इसके बाद पी.जी.पोर्टल की लिंक आ जाएगी। उस पर क्लिक करने पर शिकायत दर्ज कराने का फार्मेट सामने आ जाएगा। उस पर अपनी शिकायत और जरूरी जानकारी दर्ज कर सब्मिट कर दें। ऐसा करने से आपका हक कम्पनी को देना पड़ेगा। साथ ही कम्पनी की कारस्तानी भी सामने आएंगी।