सुप्रीम कोर्ट से डरे मीडिया मालिक, मीटिंग के लिए नीहार कोठारी दिल्ली रवाना

जयपुर। मजीठिया मामले पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक के बाद अखबार मालिकानों में दहशत बैठ गई है। इस मामले में हिन्दी अखबारों का नेता बने दैनिक जागरण प्रबंधन की हालत ज्यादा पतली हो गई है। 23 अगस्त को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उसे मजीठिया देने या जेल जाने में से एक चुनने को कह दिया है। 4 अक्टूबर को अगली सुनवाई में दिल्ली का नम्बर है, यह भी जागरण का गढ़ है। ऐसे में उसे सुप्रीम कोर्ट से ज्यादा डर लग रहा है। दूसरे अखबार मालिकानों में भी इस रूख के बाद जबरदस्त भय व्याप्त हो गया है। उन्हें सपने में भी तिहाड़ जेल दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट से घबराए सारे अखबार मालिकान 24 अगस्त को दिल्ली में मीटिंग कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के बाहरी इलाके महिपालपुर में अखबार मालिकान और उनके वकील आगे की कार्रवाई पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

नीहार एयरपोर्ट के लिए रवाना

इस मीटिंग में भाग लेने के लिए राजस्थान पत्रिका के मालिका नीहार कोठारी 24 अगस्त को सुबह 6 बजे ही एयरपोर्ट के लिए निकल गए। क्योंकि, अगला नम्बर राजस्थान और मध्यप्रदेश का है। इन दोनों ही जगहों पर राजस्थान पत्रिका का गढ़ है। इन दोनों ही जगहों से सर्वाधिक पीड़ित कर्मचारी हैं। सूत्रों का कहना है कि नीहार कोठारी 22 अगस्त को भी दिल्ली गए थे।

मीटिंग में इस पर चर्चा

मीटिंग में उनके वकीलों ने साफ कह दिया है कि अब केस और ज्यादा नहीं खिंच सकता है। 20 जे पर भी सुप्रीम कोर्ट के रूख को देखकर वकीलों ने अखबार मालिकों को साफ कह दिया है कि इसकी आड़ में अब आप अवमानना से बच नहीं सकते हैं। या तो आप कर्मचारियों को मजीठिया का हक दे दो या फिर जेल जाने की तैयारी शुरू कर दो। अखबार मालिकानों को भी सुप्रीम कोर्ट के इस रूख से समझ में तो आ ही गया कि 20 जे पर वे सुप्रीम कोर्ट को गुमराह नहीं कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि अखबार मालिक इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि कर्मचारियों को मजीठिया का लाभ अभी दें या फिर डेढ़ महीने और देखें। इस दौरान दैनिक जागरण प्रबंधन के खिलाफ यदि कोर्ट कोई सख्त कार्रवाई करेगा तो तुरन्त कर्मचारियों को मजीठिया का लाभ दे देंगे, नहीं तो जितना विलम्ब हो अच्छा है। अब देखना यह है कि ये धूर्त अखबार मालिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हैं या फिर वेट एण्ड वॉच वाली स्थिति पर कायम रहते हैं।