मणिसाना वेज बोर्ड की फाइलों को खंगाल रहा पत्रिका प्रबंधन

जयपुर। मजीठिया मामले में सुप्रीम कोर्ट की श्रमायुक्तों और मीडिया मालिकों को फटकार के बाद इन लोगों में खौफ समा गया है। चूंकि, अब अगला नम्बर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र और झारखंड का है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में राजस्थान पत्रिका का भी गढ़ है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट इन अखबार मालिकों और उनके गुर्गों की खिंचाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट के रूख को देखकर पत्रिका के मालिकों और गुर्गों में जबरदस्त भय समा गया है।

ताबड़तोड़ बैठकों का दौर

सूत्रों का कहना है कि खुद गुलाब कोठारी अधिकारियों के साथ पिछले तीन-चार दिन से ताबड़तोड़ मीटिंग कर रहे हैं। बैठक में एचपी तिवाड़ी, रघुनाथ सिंह समेत कई आला अधिकारी रहते हैं, इसमें मजीठिया पर मंथन हो रहा है। सूत्रों का कहना है कि पत्रिका अपनी पुरानी फाइलों को खंगाल रहा है। ये वे पुरानी फाइलें हैं, जब पत्रिका ने इससे पिछले वाला वेतन आयोग मणिसाना लागू किया था। पत्रिका प्रबंधन मणिसाना वेज बोर्ड की फाइलों की खोज-बीन करा रहा है, जिसके आधार पर नए वेज बोर्ड के अनुसार किस कर्मचारी को कितना पैसा देना पड़ेगा, उसका आकलन किया जाएगा।

बिना केस वाले कर्मचारियों को नहीं मिलेगा एरियर

सूत्रों का कहना है कि पत्रिका प्रबंधन मजीठिया वेज बोर्ड देने की मानसिकता में आ गया है। हालांकि, केस में नहीं गए कर्मचारियों को एरियर के रूप में बाबाजी का ठुल्लू मिलेगा, लेकिन उनकी सैलेरी में कुछ हजार रूपयों का इजाफा कर दिया जाएगा। वहीं केस करने वाले कर्मचारियों में से बेहतर सर्विस रिकॉर्ड वालों को कुछ पैसा नकद देकर और कुछ सैलेरी में बढ़ाकर समझौते का प्रयास किया जाएगा। ऐसा नहीं होने पर उनको मजीठिया के एरियर से कुछ ज्यादा पैसा देकर उनसे हमेशा के लिए पिण्ड छुड़ाने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, यह देखने वाली बात होगी कि पत्रिका प्रबंधन अपने किस फार्मूले से कितने कर्मचारियों को खुश रख पाता है।

ठेकाकर्मियों की बढ़ेगी ज्यादा सैलेरी

इस बार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक्ट में ठेका कर्मचारी भी वेज बोर्ड का अधिकारी है। इस रूख से भी पत्रिका प्रबंधन के होश उड़ गए हैं, उसे यह पता ही नहीं था कि केस में जाने से उसे यह चपत भी लग सकती है। सूत्रों का कहना है कि अब वह ठेका कर्मचारियों को खुश करने में भी लग गया है। अभी तक उनकी सैलेरी में नाममात्र इजाफा किया गया था, अब सुनने में आ रहा है कि उनकी सैलेरी में भी अच्छा-खासा इजाफा किया जाएगा, जिससे उनमें से कोई केस में ना चला जाए।