मीडिया मालिकों के वकीलों ने मानी हार, दिसम्बर से पहले मिलेगा मजीठिया का लाभ

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट में मीडिया मालिकों के खिलाफ मजीठिया का केस लड़ रहे सभी साथियों के लिए बड़ी खुशखबर। सभी साथियों की दृढ़ता, एकता और सुप्रीम कोर्ट के डण्डे की मार के भय ने अब सभी मीडिया मालिकों के अहंकार को चकनाचूर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के पिछले रूख को देखकर इन सभी मीडिया मालिकों को अहसास हो गया है कि मजीठिया के हक से हम कर्मचारियों को किसी भी तरह से दूर नहीं रख सकते हैं। इन्हें डर सता रहा है कि मजीठिया का लाभ तो देना ही पड़ेगा, साथ ही कहीं सुप्रीम कोर्ट के कोपभाजन का शिकार ना होना पड़े। इसलिए सुप्रीम कोर्ट की पिछली सुनवाई के बाद दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, अमर उजाला, दैनिक हिन्दुस्तान समेत सभी मीडिया मालिकों ने अपने वकीलों के साथ दिल्ली में बैठक की थी।

मीडिया मालिकों को वकीलों की दो टूक

वकीलों ने सभी मीडिया मालिकों को कह दिया कि जितना केस हम खिंचवा सकते थे, उतना खिंचवा लिया। अब हम इस केस को और ज्यादा नहीं खिंचवा सकते हैं। क्योंकि, सुप्रीम कोर्ट में कर्मचारियों की विजय तो पक्की है। ऐसे में वकीलों ने कह दिया है कि जो करना है जल्दी करो, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले केस गए कर्मचारियों को उनका हक दे दो। जिससे हम भी सुप्रीम कोर्ट में हारने से बच जाएं। क्योंकि, मीडिया मालिकों के सभी वकील बड़े नाम वाले हैं और सुप्रीम कोर्ट में इनका हारना तय है। इसलिए ये केस हारकर अपने नाम पर कोई दाग लगाना नहीं चाहते हैं। इसलिए इन वकीलों ने दो टूक अखबार मालिकों को कह दिया है कि एक-दो महीने के अंदर केस करने वाले कर्मचारियों को मजीठिया का लाभ दे दो, नहीं तो हम आपका साथ छोड़ देंगे। सूत्रों के मुताबिक वकीलों के इस सख्त रूख को देखकर मीडिया मालिक भी समझ गए कि अगर उन्होंने मजीठिया देने में देर की तो उनकी खैर नहीं है।

राजस्थान के एक मीडिया मालिक की उड़ी नींद

वकीलों की इस बैठक में राजस्थान के एक बड़े मीडिया हाउस से एक बड़े अधिकारी भी गए थे। वकीलों ने उनसे कर्मचारियों से सम्बंधित कुछ कागजात मंगवाए थे। वकीलों ने उनसे भी साफ तौर पर कह दिया कि अब जल्दी से केस गए कर्मचारियों को मजीठिया का लाभ दे दो, नहीं तो फिर हम आपको बचा नहीं पाएंगे। इन अधिकारी ने दिल्ली से आने के बाद अनमने मन से यह बात अपने मालिकों को बताई। उसके बाद से मालिकों की भी नींद उड़ी हुई है।

केस नहीं करने वालों को नो एरियर

सूत्रों का कहना है कि अब मीडिया मालिक इस बात पर राजी हो गए हैं कि वे केस करने वाले कर्मचारियों को मजीठिया का लाभ दे देंगे। लेकिन, वे अभी भी केस नहीं करने वाले कर्मचारियों को कुछ भी नहीं देने के मूड में हैं। इसलिए वे केस नहीं करने वाले कर्मचारियों की सैलेरी बढ़ाकर उनका प्रमोशन करने की सोच रहे हैं और इसी के साथ उन्हें नई कम्पनी में ज्वॉइनिंग भी करा देंगे। मीडिया मालिकों को उम्मीद है कि ज्यादातर कर्मचारी चुपचाप उनकी इस बात को मान लेंगे। लेकिन, उन्हें लगता है कि कुछ कर्मचारी शायद उनका विरोध भी कर सकते हैं। इसलिए वे हर पहलू का खयाल रखते हुए अपनी योजना बना रहे हैं।

दिसम्बर तक दे देंगे मजीठिया

सूत्रों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को है। मीडिया मालिक उस दौरान यह देखना चाहते हैं कि पिछली सुनवाई वाले राज्यों के मीडिया मालिकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट किस तरह का सख्त कदम उठाता है। उसके बाद नवम्बर लास्ट सप्ताह तक या फिर दिसम्बर के पहले सप्ताह में मीडिया मालिक केस करने वाले कर्मचारियों को बुलाकर उनसे समझौता करेंगे।