मजीठिया मामले में तीन जुलाई को पत्रिका के जयपुर मुख्यालय में मीटिंग, 5 जुलाई के बाद कोर्ट नहीं गए कर्मचारियों से लिए जाएंगे इस्तीफे

जयपुर। मजीठिया मामले में सुप्रीम कोर्ट में 19 जुलाई को होने वाली फाइनल सुनवाई को लेकर अखबार मालिकान पसोपेश में हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी कर्मचारियों ने अपने-अपने राज्यों के श्रम आयुक्तों के यहां अपनी शिकायत भी दर्ज करा दी है। उसकी भी तारीख निकल चुकी है। यानी अब नए कर्मचारी सुप्रीम कोर्ट में सीधे नहीं जा सकते हैं। वे अब श्रम विभाग में ही शिकायत कर सकते हैं। अखबार मालिकान भी इसी बात की बाट जोह रहे थे। जयपुर में दैनिक भास्कर तो अधिकांश कर्मचारियों से इस्तीफे ले चुका था, लेकिन सम्पादकीय विभाग वालों ने थोड़ा विरोध कर दिया था, इसलिए उन्होंने उस वक्त उस अभियान को रोक दिया था। भास्कर में हुए उस विरोध के मद्देनजर ही राजस्थान पत्रिका ने अपने यहां अभी तक ऐसी कार्रवाई शुरू नहीं की थी। पत्रिका प्रबंधन को डर था कि इस तरह की कार्रवाई से कर्मचारी भड़क कर सुप्रीम कोर्ट ना चले जाएं। चूंकि, अब नए कर्मचारी सीधे सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकते हैं, ऐसे में पत्रिका प्रबंधन ने भी बचे कर्मचारियों से इस्तीफे लेकर नई कम्पनी में ज्वॉइनिंग देने की कवायद शुरू कर दी है। इसी को लेकर तीन जुलाई को केसरगढ़ स्थित पत्रिका मुख्यालय में सभी विभागों के मुखियाओं के साथ बैठक की जा रही है। इसमें सभी मुखियाओं को अपने-अपने विभागों के कर्मचारियों से इस्तीफा लेकर नई कम्पनी में ज्वॉइनिंग देने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही इस दौरान होने वाले विरोध से निपटने के तरीकों पर भी चर्चा की जाएगी। इस बैठक में मजीठिया मामले में सुप्रीम कोर्ट की शरण गए कर्मचारियों से समझौता करने की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी। चूंकि, सूत्रों के मुताबिक राज्य श्रम आयुक्त मजीठिया मामले में अपनी रिपोर्ट 5 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सौंप देगा। इसके बाद ही पत्रिका इस्तीफे लेने और मजीठिया कर्मचारियों से समझौता करेगा। हालांकि, पत्रिका के कई कर्मचारियों ने मीडिया होल्स को बताया कि वे इस्तीफा नहीं देंगे और प्रबंधन ने जोर-जबरदस्ती की तो वे श्रम विभाग में शिकायत भी करेंगे।