राजमहल पर जेडीए की कार्रवाई, अब गुलाब कोठारी के सुखम् गार्डन की बारी

जयपुर। भारी जाब्ते के साथ जेडीए के आला अधिकारी राजपरिवार के कब्जे वाले राजमहल पैलेस में बुधवार को पहुंचे। राजमहल पैलेस पर जेडीए का पीला डायनासोर कहर बरपा रहा था। जेडीए ने राजमहल पैलेस के गेट सीज कर दिए। जेडीसी शिखर अग्रवाल और सवाईमाधोपुर से भाजपा विधायक व राजपरिवार की सदस्या दीया कुमारी राजमहल पैलेस पहुंची। राजमहल पर जेडीए की कार्रवाई का दीया कुमारी ने विरोध किया। लेकिन, जेडीए ने उनकी एक भी दलील नहीं मानी। जेडीए की कार्रवाई के आगे राजपरिवार असहाय सा दिख रहा था। जेडीए ने राजमहल और उससे लगती 26 बीघा जमीन को चार दशक पहले ही अवाप्त कर लिया था। यह सरकारी जमीन है।

राजपरिवार और सरकार में अनबन

उधर, राजमहल पर कार्रवाई के पीछे के पहलू की ओर यदि देखा जाए तो यह पूरा मामला सरकार और राजपरिवार के बीच अनबन का सा ही प्रतीत हो रहा है। अब देखने वाली बात यह है कि अब दो बड़े महानुभावों की अनबन किस हद तक पहुंचेगी।

अगला नम्बर सुखम् गार्डन का

सूत्रों का कहना है कि इस राजमहल की तरह ही सिविल लाइन्स स्थित सुखम् गार्डन की जमीन का भी मामला है। नगर निगम ने मालिकाना हक को लेकर सुखम् गार्डन के मालिक बताए जा रहे गुलाब कोठारी और अन्य को नोटिस दे रखे हैं। सरकार जल्द ही इस जमीन पर कोई फैसला लेगी। सरकारी विज्ञापन को लेकर अपने अखबार राजस्थान पत्रिका में बड़ा आलेख प्रकाशित कर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को निशाने पर लेने वाले गुलाब कोठारी से मैडम खफा हैं। वे सुखम् गार्डन पर कार्रवाई कर मीडिया मालिकों को उनकी औकात दिखाना चाहती हैं। इसके बाद ईसरदा गार्डन का मामला भी उठ सकता है।

राकेश शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार