खुशखबर...दैनिक हिन्दुस्तान की राजस्थान में जल्द एन्ट्री

नई दिल्ली। अखबारी दुनिया के सभी कर्मचारियों के लिए खुशखबर। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप का हिन्दी दैनिक हिन्दुस्तान का प्रकाशन अब राजस्थान से भी होगा। यानी हिन्दी दैनिक हिन्दुस्तान अब राजस्थान में भी कदम रख रहा है। हालांकि, तीन-चार साल से इस तरह की खबरें आती रही हैं, लेकिन अभी तक हिन्दुस्तान अखबार राजस्थान आया नहीं। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि अब फाइनली हिन्दुस्तान ने पूरा मन बना लिया है और जयपुर से अपने राजस्थान मिषन की शुरूआत करेगा। सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में दो साल बाद चुनाव होने है और वह तब तक अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। ताकि चुनावों में उसे भी राजनीतिक दल पूरा सम्मान दें और भरपूर विज्ञापन दें। इसलिए वह जयपुर एडिषन से अपनी जल्द षुरूआत करने वाला है। संभवतः मार्च के अंत तक हिन्दुस्तान अखबार जयपुर में आ जाएगा।

भास्कर-पत्रिका की बढ़ी चिन्ता

हिन्दुस्तान अखबार के राजस्थान में आने की खबर से दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका प्रबंधन की हवाइयां उड़ी हुई हैं। फिलहाल ये दो ही बड़े ग्रुप राजस्थान में हैं और मिल-जुलकर माल बटोर रहे हैं। हिन्दुस्तान के आने से इनकी कमाई और सर्कुलेशन पर असर पड़ेगा। मजीठिया केस में गए कर्मचारियों की संख्या भी राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर में ज्यादा है। जबकि हिन्दुस्तान में अब कोई भी मजीठिया कर्मचारी नहीं है। हिन्दुस्तान ने सभी केस करने वाले कर्मचारियों से समझौता कर लिया है।

राजस्थान पत्रिका को ज्यादा नुकसान

अखबारी जगत के जानकार लोगों का कहना है कि दैनिक भास्कर ने तो मजीठिया केस के बाद भी अपनी स्थिति मजबूत कर रखी है। लेकिन, राजस्थान पत्रिका की हालत फिलहाल खराब है। राजस्थान पत्रिका में कर्मचारी भी पूरे नहीं है और खबरें भी स्तरीय नहीं है। साथ ही मजीठिया मामले में राजस्थान पत्रिका के ही कर्मचारी सबसे ज्यादा खफा हैं। पत्रिका के जिन लोगों ने अभी तक नौकरी जाने के भय से मजीठिया का केस नहीं किया है, वे कर्मचारी हिन्दुस्तान के आने से मजबूत होंगे। ऐसे कर्मचारियों को यदि हिन्दुस्तान में नौकरी मिल गई तो वे राजस्थान पत्रिका प्रबंधन पर केस भी कर देंगे। ऐसा ही होगा दैनिक भास्कर के साथ, लेकिन, वहां कर्मचारियों की इतनी समस्या नहीं है, जितनी पत्रिका में है। हालांकि, हिन्दुस्तान के आने से दोनों ही अखबारों के कर्मचारी टूटेंगे। फिर भी भास्कर के मुकाबले राजस्थान पत्रिका को नुकसान ज्यादा होगा। हिन्दुस्तान आने से उन मजीठिया कर्मचारियों को भी लाभ होगा, जिन्हें राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर प्रबंधन ने टर्मिनेट कर रखा है।