मजीठिया का केस लड़ रहे फोटो फोलियो के साथी यह करें

जयपुर। राजस्थान पत्रिका प्रबंधन वर्ष 2010 से अपने यहां सभी कर्मचारियों को फोर्ट फोलियो नामक कम्पनी में नियुक्त कर रहा है। फोर्ट फोलियो नामक कम्पनी पत्रिका की ही है, लेकिन प्रबंधन ने इसका स्टाफ, ऑफिस और सारे दस्तावेज पत्रिका से अलग कर रखे हैं। जिससे कानूनीरूप से यह साबित नहीं हो कि यह पत्रिका प्रबंधन की ही एक और कम्पनी है। अब चूंकि मजीठिया केस करने वालों में फोर्ट फोलियो के भी कर्मचारी हैं।
पत्रिका प्रबंधन की लाख कोशिशों के बाद भी जब इन साथियों ने केस वापस लेने से मना कर दिया तो इन्हें परेशान करने के लिए इनका दूर-दूर तबादला किया जा रहा है। मसलन-मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से सीकर, बाड़मेर तबादला किया जा रहा है तो राजस्थान से जगदलपुर, हुबली तबादला किया जा रहा है, जिससे कर्मचारी परेशान होकर केस वापस ले ले।

श्रमायुक्त के पास लगाएं आवेदन

अब इन साथियों ने मीडिया होल्स से राय मांगी है कि वे आगे क्या करें। इनमें से ज्यादातर साथियों ने तबादला वाली जगह पर ज्वॉइन कर लिया है। चूंकि, इन साथियों के पास नियुक्ति पत्र तो फोर्ट फोलियो का है और कार्य ये पत्रिका में कर रहे हैं, जबकि पत्रिका प्रबंधन इन्हें अपना कर्मचारी मान ही नहीं रहा है। ऐसे में मीडिया होल्स की इन साथियों से राय यह है कि आप श्रम आयुक्त के यहां सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगाएं और पूछें कि मेरा तबादला अमुक जगह हुआ है और फोर्ट फोलियो कम्पनी का ऑफिस कहां है और वहां किसे रिपोर्ट करनी है।

जाहिर हो जाएगा...फोर्ट फोलियो और पत्रिका का कनेक्षन

चूंकि, पत्रिका प्रबंधन ने फोर्ट फोलियो नामक कम्पनी तो बना दी और परेशान करने की नीयत से तबादला भी कर दिए। लेकिन, फोर्ट फोलियो के नाम से ऑफिस खोलना भूल गए। वे तबादला साथियों को पत्रिका ऑफिस में ही कार्य करवा रहे हैं। ऐसा पूछने पर पत्रिका प्रबंधन की हालत खराब हो जाएगी। साथ ही फोर्ट फोलियो और पत्रिका प्रबंधन का कनेक्शन भी जगजाहिर हो जाएगा। इसके अलावा फोर्ट फोलियो कर्मचारी यह करें कि पत्रिका में जिस जगह कार्य कर रहे हैं, वहां स्वयं के कार्य करते हुए फोटो खींच लें और वीडिया बना लें। साथ ही पत्रिका ऑफिस की इमारत की भी बाहर से फोटो खीच लें और वीडियो बना लें। इससे कानूनी रूप से यह साबित करने में मदद मिलेगी कि पत्रिका और फोर्ट फोलियो के प्रबंधन एक ही हैं। ऐसे में पत्रिका कर्मचारियों की ही तरह आपको भी मजीठिया का हक प्रबंधन को पूरा देना पड़ेगा।