दैनिक भास्कर जयपुर के कर्मचारियों ने लिया स्टेटमेंट ऑफ क्लेम पर स्टे

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट में हुई पिछली सुनवाई के बाद मीडिया मालिक इस कदर डर गए कि उन्होंने श्रमायुक्तों से सांठ-गांठ कर मजीठिया कर्मचारियों का केस श्रम कोर्ट में रैफर कर दिया। इसमें सभी कर्मचारियों को स्टेटमेंट ऑफ क्लेम देने के आदेश दिए गए। राजस्थान पत्रिका के कर्मचारियों को इसका समय बहुत कम दिया गया था, ऐसे में उन्होंने वकील के जरिए स्टेटमेंट ऑफ क्लेम श्रम कोर्ट में दायर कर दिया।
इसके बाद दैनिक भास्कर, जयपुर के कर्मचारियों को भी श्रम कोर्ट में स्टेटमेंट ऑफ क्लेम जमा कराना था। चंूंकि दैनिक भास्कर में दो-तीन ग्रुपों ने मजीठिया का केस कर रखा है। ऐसे में पवन पाराशर और सुभाष शर्मा के ग्रुप वाले लोगों ने अपने वकील सुनील विजय से इस बारे में मंत्रणा की। इस ग्रुप के लोगों का सुप्रीम कोर्ट में केस सुनील विजय ही देख रहे हैं। इस ग्रुप का कहना है कि सुनील विजय सुप्रीम कोर्ट से स्टेटमेंट ऑफ क्लेम पर स्टे ऑर्डर ले आए। ग्रुप का कहना है कि जब मजीठिया मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है तो फिर श्रम कोर्ट हमसे दस्तावेज क्यों मांग रहा है। सुप्रीम कोर्ट से मामला निपटने के बाद ही हम स्टेटमेंट ऑफ क्लेम देंगे। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट को इस तथ्य से अवगत कराया और बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने श्रम कोर्ट की इस कार्यवाही पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है। इनका कहना है कि हमने श्रम कोर्ट में स्टेटमेंट ऑफ क्लेम दायर ही नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद ही हम आगे की कार्रवाई करेंगे। दैनिक भास्कर के दूसरे गु्रप के लोग भी इनसे इस बारे में पूरी मंत्रणा कर रहे हैं। दूसरे ग्रुप के लोग भी सुप्रीम कोर्ट से इस पर स्टे लेने की कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। चाहे कुछ भी हो, इस ग्रुप के लोगों ने दैनिक भास्कर के कुत्सित इरादों पर गहरी चोट की है।