भोपाल सहायक श्रमायुक्त को धमकाने वाले पत्रिका के अधिकारी ने किया मजीठिया केस

भोपाल। किसी ने खूब कहा है कि आजकल पैसे किसे बुरे लगते हैं और आती हुई लक्ष्मी के लिए मना कौन करता है। इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला है भोपाल में। भोपाल स्थित पत्रिका कार्यालय के एक अधिकारी ने भी मजीठिया मामले में सहायक श्रम आयुक्त के यहां शिकायत दी है। इसमें उन्होंने पत्रिका प्रबंधन पर मजीठिया वेज बोर्ड नहीं देने की बात लिखी है।

कुछ दिन पहले तक देते थे धमकी

मजेदार बात यह है कि कुछ दिनों पहले तक ये अधिकारी महोदय मजीठिया केस मामले में सहायक श्रम आयुक्त को धमकाते थे। साथ ही ये अधिकारी कर्मचारियों पर केस वापस लेने का दबाव बनाते थे और ऐसा ना करने पर बर्खास्त, तबादला और सस्पेंड करने की धमकी देते थे। यह खबर सहायक श्रम आयुक्त ने मजीठिया की लड़ाई लड़ रहे साथियों को बताई है।

नाम बताने से इनकार

हालांकि, उस अधिकारी का नाम बताने से सहायक श्रम आयुक्त ने मना कर दिया। खैर कुछ भी हो दोस्तों, आखिरकार सच्चाई अपना रंग दिखा रही है। सुबह का भूला यदि शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहा जाता। अब बस इंतजार है तो माननीय सुप्रीम कोर्ट के अंतिम वार का, जिससे सारे मीडिया मालिकों के होश ठिकाने आ जाएं। इन्हें ना केवल मजीठिया का लाभ देना पड़ेगा बल्कि इन्हें जेल भी हो सकती है।