पत्रिका से भास्कर और जागरण ने तोड़ी दोस्ती

जयपुर। देश के सभी मीडिया मालिक सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मजीठिया मामले में अपनी दिशा अभी तक दैनिक जागरण के अनुसार तय कर रहे थे। इस मामले में दैनिक जागरण सभी मीडिया समूहों का नेतृत्व कर रहा था। राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर भी उन्हीं में एक थे। ये दोनों भी दैनिक जागरण के कहे अनुसार ही केस में अपना दांव चल रहे थे। लेकिन, अब खबर है कि इन तीनों की दोस्ती में दरार आ गई है। ऐसा हुआ है राजस्थान पत्रिका के कारण। राजस्थान पत्रिका ने अपने समाचार-पत्र में पनामा पेपर्स मामले में दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर के मालिकों के खिलाफ प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी और उन्हें एक तरह से कठघरे में खड़ा कर दिया था। इससे दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर के मालिक राजस्थान पत्रिका से नाराज हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार इन दोनों ने अपनी नाराजगी का इजहार राजस्थान पत्रिका को कर भी दिया। अब खबर है कि इन दोनों समाचार-पत्रों के मालिकों ने राजस्थान पत्रिका से किनारा कर लिया है। अब ये अपनी केस प्लानिंग में पत्रिका को शामिल नहीं कर रहे हैं। इन्होंने साफ कह दिया है कि पत्रिका अब अपना केस अकेला ही लड़े।