राजस्थान के एक मीडिया हाउस में पकड़ा गया घोटाला

जयपुर। मजीठिया वेज बोर्ड से तो देश के सारे मीडिया हाउस परेशान हैं ही, अब उनके चहेते अंदर ही अंदर घोटाले कर माल बनाने में लगे हुए हैं। खबर है कि राजस्थान के एक बड़े मीडिया हाउस में इन दिनों ठीक नहीं चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि राजस्थान के इस बड़े मीडिया हाउस में एक विभाग के हैड सहित पांच-सात लोगों ने करीब 25-30 लाख रुपए की हेराफेरी कर ली है। हालांकि, यह खेल ज्यादा लम्बा नहीं चला अैर प्रबंधन ने उनको पकड़ लिया। फिलहाल इन लोगों पर प्रबंधन ने गुपचुप जांच बिठा रखी है। इसलिए इस खबर की ज्यादा लोगों को भनक भी नहीं है।

यह है पूरा मामला

सूत्रों का कहना है कि राजस्थान के इस मीडिया हाउस में दो-तीन साल पहले भी एक बड़ा घोटाला मालिकों की पकड़ में आया था। तब उस विभाग के हैड सहित करीब-करीब पूरी टीम को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। अब फिर इसी मीडिया हाउस में घोटाला पकड़ में आया है। ये सभी लोग एक ही विभाग के हैं। सूत्रों का कहना है कि यह घोटाला विज्ञापनों और मैरिज गार्डन के लेन-देन से जुड़ा हुआ है। इन लोगों ने प्रबंधन को कम पैसे बताए, जबकि दूसरी जगह से पैसे ज्यादा लिए। ऐसे में इन्होंने करीब 25-30 लाख रुपए अपनी जेब में डाल लिए।

ऐसे आया पकड़ में

सूत्रों का कहना है कि घोटाले के आरोपी लोग एक व्यक्ति को कार्य करवाने के बदले कम पैसे दे रहे थे, जबकि प्रबंधन से उस कार्य के ज्यादा पैसे ले रहे थे। कई दिन तक तो घोटाले के आरोपी और उस व्यक्ति की सहमति से सब कुछ ठीक चलता रहा। लेकिन, इन घोटाले के आरोपियों ने उस व्यक्ति से कमीशन ज्यादा देने की बात कही। इस पर वह बिफर गया और उसने प्रबंधन के सामने पोल खोल दी। इसके बाद प्रबंधन ने इन लोगों को पकड़ लिया और जांच बिठा दी। इस मामले की जांच प्रबंधन के एक खास आदमी कर रहे हैं, यह खास आदमी इस मीडिया हाउस के प्रशासनिक विभाग के हैड भी हैं। लीगल का कार्य भी इनकी देखरेख में होता है। फिलहाल इन लोगों की जांच चल रही है। अब यह देखने वाली बात है कि यह मीडिया हाउस कब अपनी जांच पूरी करता है और इस घोटाले की आंच कितने लोगों की नौकरी लेती है।

...तो फिर इसी तरह बनाएंगे मजीठिया

राजस्थान का यह मीडिया हाउस भी कर्मचारियों को मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ नहीं दे रहा है। इस पर भी कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का केस दायर कर रखा है। कई कर्मचारियों को बर्खास्त, सस्पेंड और तबादला किया जा चुका है। सूत्रों का कहना है कि जब कर्मचारियों ने हक का पैसा मांगा तो इस मीडिया हाउस ने नहीं दिया बल्कि प्रताडि़त ही किया। ऐसे में कर्मचारी तो किसी ना किसी प्रकार से मजीठिया का पैसा बनाएंगे ही। यह घोटाला भी मजीठिया नहीं देने का परिणाम है। जो लोग केस में नहीं गए हैं, उनमें से अधिकांश इसी तरह से मजीठिया बनाने में लगा हुआ है।