मजीठिया मामले में एक और तबादला, पत्रिका ने  श्याम सौंखिया को भीलवाड़ा भेजा

जयपुर। किसी ने कहा है कि विपत्ति आती है, तब इनसान अपना विवेक खो देता है। कुछ ऐसा ही अब हो रहा है अखबार मालिकों के साथ। मजीठिया मामले में सुप्रीम कोर्ट में नजदीक आती तारीख से अखबार मालिकानों में बेचैनी है। इस चक्रव्यूह से निकलने का उन्हें अभी कोई मार्ग सूझ नहीं रहा है। इसलिए वे कर्मचारियों में भय व्याप्त करने के लिए अभी भी तबादला करने में लगे हुए हैं। इन्हें पता है कि इन सबसे कुछ नहीं होने वाला है, सुप्रीम कोर्ट का डण्डा जिस दिन पड़ेगा, इनके सारे पाप कर्मों का मटका फूट जाएगा। लेकिन, फिर भी ये तबादला कर कर्मचारियों को प्रताडि़त करने का कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को राजस्थान पत्रिका ने जयपुर में जूनियर डिजाइनर (दिल्ली डेस्क पर पेज मेकर) पद पर कार्यरत श्याम सौंखिया का तबादला भीलवाड़ा कर दिया। श्याम सौंखिया को भीलवाड़ा में ज्वॉइन करने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। श्याम सौंखिया भीलवाड़ा में ज्वॉइन करते हैं या नहीं, यह अभी तक पता नहीं चल पाया है। अखबार मालिकानों को लगता है कि कर्मचारी परेशान होकर इनसे बिना किसी शर्त पर समझौता कर लेंगे। लेकिन,कर्मचारियों का कहना है कि चाहे कुछ भी हो हम राजस्थान पत्रिका प्रबंधन के आगे झुकने वाले नहीं हैं।



Public Speak

  • Ashok | 28 Jun 2016

    एक महफिल में रवीन्द्र और हेमलता गा रहे थे। श्रोताओं में राजकपूर भी थे। एक राधा, एक मीरा दोनों ने श्याम को चाहा गीत सुनकर राजकपूर झूम उठे, बोले-यह गीत किसी को दिया तो नहीं? पलटकर रवीन्द्र जैन ने कहा, राजकपूर को दे दिया है।