पत्रिका की 25 फीसदी कॉपियों के पाठकों का पता लगा रहे मालिक

जयपुर। पत्रिका प्रबंधन ने भले ही बी.आर सिंह को सर्कुलेशन हैड से हटाकर टीवी चैनल की बागडोर संभला दी हो। लेकिन सर्कुलेशन से उनका नाता अभी पूरी तरह टूटा नहीं है। सूत्रों का कहना है कि बी.आर. सिंह के सर्कुलेशन हैड रहते हुए जितनी रिकवरी बाकी है, उसकी उगाही उन्हीं के जिम्मे है। यानी उनके कार्यकाल तक सर्कुलेशन की रिकवरी की जिम्मेदारी उन्हीं की रहेगी। टीवी चैनल के साथ ही वे सर्कुलेशन रिकवरी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी निभाएंगे।

25 फीसदी कॉपियों का पकड़ा घपला

सूत्रों का कहना है कि पत्रिका मालिकों ने सर्कुलेशन में बड़ा घपला पकड़ा था। इसके मुताबिक 25 फीसदी अखबार की कॉपियां कहां जा रही थी, इसका पता किसी को नहीं था। आंकड़ों में तो इन 25 फीसदी कॉपियों का रिकॉर्ड था, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग ही थी। ये कॉपियां असलियत में कहां जा रही थी, इसका पता अभी तक नहीं चल सका है। इसलिए पत्रिका प्रबंधन इसका पता लगाने में जुट गया है।

इसलिए बंद की कॉम्पलीमेंटी कॉपियां

सूत्रों का कहना है कि इसलिए पत्रिका मालिकों ने सम्पादकों के केबिन और पत्रकारों के घर जा रही अखबार की कॉम्पलीमेंट्री कॉपियां बन्द कर दी है। इससे यह अंदाजा लगाया जाएगा कि इसके बाद बची अन्य कॉपियां कहां जा रही हैं।

रद्दी में बिक रही थीं कॉपियां

सूत्रों का कहना है कि कागजों में तो पत्रिका का सुर्कलेशन बहुत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहा था, लेकिन धरातल पर देखें तो पत्रिका से पाठकों का मोह कम हो रहा है। अधिकारियों ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए पत्रिका का सर्कुलेशन बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा था, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इन 25 फीसदी कॉपियों में से अधिकांश कॉपियां रद्दी में बिक रही थीं। यानी कॉपियां प्रकाशित तो ज्यादा हो रही थीं, लेकिन पाठकों के पास जाने के अलावा लाखों कॉपियां रोजाना रद्दी में बिकने जा रही थीं। पत्रिका मालिक अब इसी की तहकीकात कर रहे हैं।